चोदुमल खान साहब ने अपनी माशूका के प्यार में उसके घर के चक्कर लगाये तो एक हादसा हुआ जिसका जिकर उन्होंने शायरी में ब्यान किया

उनकी गली से गुज़रे, तो चौबारा नज़र आया,

उनकी गली से गुज़ारे, तो चौबारा नज़र आया,

उसकी माँ बाहर आ के बोली,

गांड फाड़ दूंगी भोंसड़ी के जो दोबारा नज़र आया।